Maya Sharma
Saturday, September 20, 2014
अनजाना सा कुछ
आँखें गीली क्यूँ रहती हैं आजकल..
है कोइ याद
कोइ दुआ
कोइ फ़रियाद
या कोइ इबादत ।
Tuesday, September 16, 2014
प्रेम
क्या एक गुनाह है ?
होंठों को लगाम से खींच कर कस गया वो
दिल को बेिड़यों में कस कर बाँध गया वो
रूह तड़प कर कराह रही थी, अनसुनी कर गया वो
धड़कन रफ़्तार भूल रही थी और बस खो गया वो
सुकन्या
Thursday, September 4, 2014
मिलन
" एक आह है और एक आस है
........दोनों ही मिट जाना चाह रहें हैं......"
आपकी
एक याद
एक टीस
एक धड़कन
एक साँस
एक तुम
और
एक मैं ।
~आपकी ।
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